VVS Laxman Biography In Hindi | वीवीएस लक्ष्मण की जीवनी
भारतीय क्रिकेट के इतिहास में कुछ नाम ऐसे हैं जो अपनी कलात्मकता, धैर्य और बेमिसाल प्रदर्शन से हमेशा याद किए जाते हैं। इन्हीं महान खिलाड़ियों में से एक हैं वीवीएस लक्ष्मण, जिन्हें ‘वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण’ के नाम से भी जाना जाता है। अगर आप वीवीएस लक्ष्मण की जीवनी (VVS Laxman Biography In Hindi) के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह लेख आपके लिए है। उनका शांत स्वभाव, कलात्मक स्ट्रोक प्ले और दबाव में भी शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें भीड़ से अलग करती थी। उन्होंने कई बार भारत को मुश्किल परिस्थितियों से निकालकर जीत दिलाई है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में। लक्ष्मण भारतीय मध्यक्रम की रीढ़ थे और उनकी साझेदारी राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर के साथ भारतीय क्रिकेट के स्वर्णिम युग का प्रतीक थी।
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जन्म और परिवार

वीवीएस लक्ष्मण का जन्म 1 नवंबर 1974 को हैदराबाद, आंध्र प्रदेश (अब तेलंगाना) में हुआ था। उनका पूरा नाम वंगीपुरापू वेंकट साई लक्ष्मण है। उनका परिवार चिकित्सा पृष्ठभूमि से आता है, जिसमें उनके माता-पिता दोनों जाने-माने चिकित्सक हैं। उनके पिता का नाम डॉ. शांताराम और माता का नाम डॉ. सत्यभामा है। दोनों ही फिजिशियन हैं और अपने क्षेत्र में काफी सम्मानित हैं। लक्ष्मण के दादा भी एक प्रमुख विद्वान थे। इस तरह, लक्ष्मण का बचपन एक ऐसे परिवार में बीता जहाँ शिक्षा और अनुशासन को अत्यधिक महत्व दिया जाता था। उनके परिवार का क्रिकेट से सीधा संबंध नहीं था, लेकिन उन्होंने हमेशा लक्ष्मण को अपने जुनून का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया।
परिवार की मजबूत शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बावजूद, लक्ष्मण ने क्रिकेट को अपना करियर बनाने का फैसला किया। उनके माता-पिता ने उन्हें इस फैसले में पूरा सहयोग दिया, जिससे उन्हें अपने सपनों को पूरा करने की आजादी मिली। यह परिवार की उदार सोच और बच्चे की प्रतिभा में विश्वास को दर्शाता है। लक्ष्मण ने अक्सर अपने परिवार को अपनी सफलता का श्रेय दिया है, खासकर अपने माता-पिता को जिन्होंने उन्हें हमेशा समर्थन और मार्गदर्शन दिया।
शुरुआती जीवन
लक्ष्मण का शुरुआती जीवन हैदराबाद में ही बीता। बचपन से ही उनमें क्रिकेट के प्रति गहरा रुझान था। वह घंटों अपने दोस्तों के साथ गलियों में क्रिकेट खेलते थे और स्कूल में भी हर क्रिकेट मैच का हिस्सा होते थे। उनकी कलात्मक बल्लेबाजी शैली और कलाई के जादू का संकेत उनके शुरुआती दिनों में ही दिखने लगा था। उनके कोच और स्थानीय क्रिकेट प्रेमियों ने जल्द ही उनकी प्रतिभा को पहचान लिया।
हालांकि, एक चिकित्सक परिवार से होने के कारण उन पर पढ़ाई में भी अच्छा प्रदर्शन करने का दबाव था। उन्होंने दोनों को बखूबी संभाला। उन्होंने अपनी पढ़ाई में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया और साथ ही अपने क्रिकेट कौशल को भी निखारा। उनके बचपन के कोचों में से एक एम.एस.के. प्रसाद ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन दिया। लक्ष्मण ने अपने शुरुआती दिनों में हैदराबाद के स्थानीय क्लबों और जूनियर स्तर के टूर्नामेंट में खेलना शुरू किया, जहाँ उन्होंने लगातार रन बनाए और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनकी कलाई का जादू, जो बाद में उनका ट्रेडमार्क बना, इन शुरुआती वर्षों में ही विकसित होने लगा था।
शिक्षा
वीवीएस लक्ष्मण ने अपनी स्कूली शिक्षा लिटल फ्लाॅवर हाई स्कूल, हैदराबाद से पूरी की। वे पढ़ाई में भी काफी अच्छे थे और उन्होंने अपने माता-पिता की इच्छा का सम्मान करते हुए मेडिकल कॉलेज में दाखिला भी लिया था। उन्होंने प्रतिष्ठित उस्मानिया मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लिया, लेकिन क्रिकेट के प्रति उनका जुनून इतना प्रबल था कि उन्होंने अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया।
हालांकि यह एक मुश्किल फैसला था, लेकिन लक्ष्मण ने अपने दिल की सुनी और अपना पूरा ध्यान क्रिकेट पर केंद्रित कर दिया। इस फैसले से उनके परिवार को शुरुआत में थोड़ी निराशा हुई होगी, लेकिन जब उन्होंने लक्ष्मण की प्रतिभा और समर्पण को देखा, तो वे उनके साथ खड़े रहे। उनकी शिक्षा ने उन्हें अनुशासन और विश्लेषणात्मक सोच दी, जो उनके क्रिकेट करियर में भी सहायक सिद्ध हुई। उन्होंने कभी अपनी मेडिकल डिग्री पूरी नहीं की, लेकिन उन्होंने भारतीय क्रिकेट को एक ‘डॉक्टर’ दिया जो पिच पर ‘ऑपरेशन’ करने में माहिर था।
क्रिकेट करियर
वीवीएस लक्ष्मण का क्रिकेट करियर भारतीय क्रिकेट के इतिहास के सबसे चमकदार अध्यायों में से एक है। उन्होंने अपनी कलात्मक बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में भी संयम बनाए रखने की क्षमता से लाखों प्रशंसकों का दिल जीता।
घरेलू क्रिकेट में पदार्पण
लक्ष्मण ने अपने फर्स्ट-क्लास करियर की शुरुआत 1992-93 में हैदराबाद के लिए की थी। उन्होंने जल्द ही अपनी प्रतिभा से सबका ध्यान खींचा। रणजी ट्रॉफी में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजर में ला दिया। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में ढेर सारे रन बनाए, जिसमें कई दोहरे शतक और एक तिहरा शतक भी शामिल है, जो उन्होंने 1997-98 सीज़न में कर्नाटक के खिलाफ बनाया था। यह उनका निरंतर प्रदर्शन ही था जिसने उन्हें भारतीय टीम में जगह दिलाई।
अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट करियर
वीवीएस लक्ष्मण ने 1996 में अहमदाबाद में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। हालांकि उनके शुरुआती कुछ टेस्ट इतने प्रभावशाली नहीं रहे, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2000 के दशक की शुरुआत में उन्हें भारतीय मध्यक्रम का एक अभिन्न अंग माना जाने लगा, खासकर जब उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की ऐतिहासिक श्रृंखला में अपना जलवा दिखाया।
कोलकाता का 281: उनके करियर की सबसे यादगार पारी 2001 में ईडन गार्डन्स, कोलकाता में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ आई। फॉलो-ऑन खेलते हुए, लक्ष्मण ने राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर 376 रनों की साझेदारी की और 281 रन की ऐतिहासिक पारी खेली। यह उस समय टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। इस पारी ने भारत को एक असंभव जीत दिलाई और लक्ष्मण को ‘वेरी वेरी स्पेशल’ का खिताब दिया। यह पारी न केवल भारत के लिए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे महान वापसी में से एक मानी जाती है।
लक्ष्मण ने 134 टेस्ट मैच खेले और 45.97 की औसत से 8781 रन बनाए, जिसमें 17 शतक और 56 अर्धशतक शामिल हैं। वह हमेशा बड़ी टीमों और मुश्किल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन करते थे, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनका रिकॉर्ड शानदार था।
अंतर्राष्ट्रीय वनडे करियर
लक्ष्मण ने 1998 में हरारे में जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे क्रिकेट में पदार्पण किया। हालांकि उन्हें टेस्ट क्रिकेट में जैसी सफलता मिली, वैसी वनडे में नहीं मिल पाई। फिर भी, उन्होंने कुछ बेहतरीन पारियां खेलीं और कई मैचों में भारत के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 86 वनडे मैच खेले और 30.76 की औसत से 2338 रन बनाए, जिसमें 6 शतक और 10 अर्धशतक शामिल हैं। उनका सर्वोच्च वनडे स्कोर 131 रन था। वनडे में उन्हें अपनी स्वाभाविक शैली के अनुरूप जगह बनाने में थोड़ी कठिनाई हुई, क्योंकि उनकी बल्लेबाजी शैली टेस्ट क्रिकेट के लिए अधिक अनुकूल थी।
करियर का संक्षिप्त विवरण
| प्रारूप | मैच | रन | औसत | शतक | अर्धशतक |
|---|---|---|---|---|---|
| टेस्ट | 134 | 8781 | 45.97 | 17 | 56 |
| वनडे | 86 | 2338 | 30.76 | 6 | 10 |
वीवीएस लक्ष्मण ने 2012 में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया, जिससे भारतीय क्रिकेट में एक युग का अंत हो गया। उनके संन्यास ने लाखों प्रशंसकों को भावुक कर दिया, लेकिन उन्होंने अपने पीछे एक शानदार विरासत छोड़ी। संन्यास के बाद, उन्होंने क्रिकेट कमेंटेटर, विश्लेषक और मेंटर के रूप में अपनी भूमिका निभाई। वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए मेंटर के रूप में भी काम कर चुके हैं।
आईपीएल करियर
वीवीएस लक्ष्मण इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के शुरुआती वर्षों का हिस्सा रहे हैं। उन्हें 2008 में डेक्कन चार्जर्स (अब भंग) द्वारा साइन किया गया था। वह टीम के कप्तान भी थे। हालांकि, उनका आईपीएल करियर उनके टेस्ट करियर जितना चमकदार नहीं रहा।
- डेक्कन चार्जर्स (2008-2010): उन्होंने डेक्कन चार्जर्स के लिए कुछ सीज़न खेले। शुरुआती सीज़न में वह टीम के कप्तान रहे, लेकिन बाद में एडम गिलक्रिस्ट ने कप्तानी संभाली। लक्ष्मण अपनी टेस्ट बल्लेबाजी शैली के कारण टी-20 प्रारूप में उतने प्रभावी साबित नहीं हो पाए, हालांकि उन्होंने कुछ अच्छी पारियां खेलीं।
- कोच्चि टस्कर्स केरल (2011): आईपीएल के 2011 सीज़न में वह कोच्चि टस्कर्स केरल टीम का हिस्सा थे। यह टीम भी अब अस्तित्व में नहीं है। इस सीज़न में भी उन्हें बहुत अधिक खेलने का मौका नहीं मिला।
कुल मिलाकर, लक्ष्मण ने 20 आईपीएल मैचों में 282 रन बनाए, जिसमें उनका उच्चतम स्कोर 40 रन था। उनका स्ट्राइक रेट 107.63 था। आईपीएल में एक खिलाड़ी के रूप में उनकी भूमिका सीमित रही, लेकिन बाद में उन्होंने सनराइजर्स हैदराबाद के मेंटर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जहां उन्होंने युवा प्रतिभाओं को निखारने में मदद की।
रिकॉर्ड्स
वीवीएस लक्ष्मण के नाम कुछ उल्लेखनीय रिकॉर्ड्स हैं जो उनकी असाधारण प्रतिभा और धैर्य को दर्शाते हैं:
- टेस्ट क्रिकेट में फॉलो-ऑन खेलते हुए 281 रन की पारी, जो उस समय किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर था। यह पारी बाद में वीरेंद्र सहवाग द्वारा तोड़ी गई।
- राहुल द्रविड़ के साथ मिलकर टेस्ट क्रिकेट में 376 रन की रिकॉर्ड साझेदारी, जो भारत के लिए पांचवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है।
- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में शानदार रिकॉर्ड। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके 2434 रन किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सबसे अधिक हैं।
- टेस्ट क्रिकेट में 100 से अधिक कैच लेने वाले कुछ भारतीय खिलाड़ियों में से एक (134 टेस्ट में 135 कैच)।
- एक कैलेंडर वर्ष (2002) में 1000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले कुछ भारतीय बल्लेबाजों में से एक।
- भारत के लिए 130 से अधिक टेस्ट मैच खेलने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में शामिल।
पुरस्कार
वीवीएस लक्ष्मण को उनके उत्कृष्ट क्रिकेट करियर के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है:
- अर्जुन पुरस्कार (2001): भारत सरकार द्वारा खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाला यह दूसरा सर्वोच्च खेल सम्मान है। उन्हें उनकी ऐतिहासिक 281 रन की पारी के बाद यह पुरस्कार मिला था।
- पद्म श्री (2011): भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार, जो उन्हें भारतीय क्रिकेट में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया था।
- एमआरएफ टायर्स बेस्ट टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2002): उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के लिए यह पुरस्कार।
- सीईएटी इंटरनेशनल क्रिकेटर ऑफ द ईयर (2002): क्रिकेट में उनके योगदान को मान्यता देने वाला एक और महत्वपूर्ण पुरस्कार।
ये पुरस्कार उनकी कड़ी मेहनत, समर्पण और भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान का प्रमाण हैं।
पत्नी / गर्लफ्रेंड
वीवीएस लक्ष्मण शादीशुदा हैं। उनकी पत्नी का नाम जीआर शैलजा है। उन्होंने 2004 में शैलजा से शादी की। यह एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय शादी थी। शैलजा पेशे से कंप्यूटर एप्लिकेशन में स्नातकोत्तर हैं। यह जोड़ी एक खुशहाल वैवाहिक जीवन जी रही है और उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा जिसका नाम सर्वजीत है और एक बेटी जिसका नाम अचिंत्या है। लक्ष्मण अक्सर अपने परिवार को अपनी प्रेरणा का स्रोत बताते हैं और अपने व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद, वे अपने परिवार के साथ समय बिताना सुनिश्चित करते हैं। उनकी पत्नी शैलजा ने हमेशा उनके करियर में उनका समर्थन किया है और उन्हें भावनात्मक सहारा प्रदान किया है।
नेट वर्थ
वीवीएस लक्ष्मण ने एक सफल क्रिकेट करियर बनाया है और संन्यास के बाद भी वे क्रिकेट से जुड़े रहे हैं। उनकी आय के मुख्य स्रोत उनके क्रिकेट खेलने के दिन, कमेंट्री, क्रिकेट विशेषज्ञ के रूप में टीवी पर उपस्थिति, ब्रांड एंडोर्समेंट और विभिन्न क्रिकेट अकादमियों और टीमों में मेंटरशिप की भूमिकाएं हैं।
विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वीवीएस लक्ष्मण की अनुमानित कुल संपत्ति (नेट वर्थ) लगभग 12 मिलियन डॉलर से 15 मिलियन डॉलर (लगभग 100 से 125 करोड़ रुपये) के बीच है। यह आंकड़े समय के साथ बदल सकते हैं, लेकिन यह उनके सफल करियर और क्रिकेट जगत में उनकी निरंतर उपस्थिति को दर्शाता है। वे हैदराबाद में एक आलीशान घर में रहते हैं और उनके पास कुछ लग्जरी कारें भी हैं।
रोचक तथ्य
वीवीएस लक्ष्मण के बारे में कुछ रोचक तथ्य जो उन्हें और भी खास बनाते हैं:
- ‘वेरी वेरी स्पेशल’ उपनाम: उन्हें यह उपनाम ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान इयान चैपल ने दिया था, उनकी असाधारण बल्लेबाजी शैली और दबाव में शानदार प्रदर्शन करने की क्षमता के कारण।
- मेडिकल छात्र: लक्ष्मण ने मेडिकल कॉलेज में दाखिला लिया था और डॉक्टर बनने वाले थे, लेकिन क्रिकेट के लिए उन्होंने इसे छोड़ दिया।
- ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए नाइटमेयर: लक्ष्मण का ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ रिकॉर्ड अविश्वसनीय है। उन्होंने अपने करियर के 17 शतकों में से 6 ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए हैं। उन्हें अक्सर ऑस्ट्रेलियाई टीम का ‘परेशान करने वाला’ बल्लेबाज माना जाता था।
- क्लाइव लॉयड से प्रशंसा: वेस्टइंडीज के महान कप्तान क्लाइव लॉयड ने उनकी 281 रन की पारी को टेस्ट क्रिकेट के इतिहास की सर्वश्रेष्ठ पारियों में से एक बताया था।
- शांत स्वभाव: मैदान पर और बाहर, लक्ष्मण हमेशा अपने शांत और संयमित स्वभाव के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने शायद ही कभी मैदान पर अपना गुस्सा खोया हो।
- सबसे बड़े साझेदार: राहुल द्रविड़ के साथ उनकी कई ऐतिहासिक साझेदारियां हुई हैं, जिनमें 2001 का 376 रन का स्टैंड सबसे प्रसिद्ध है।
- कभी विश्व कप नहीं खेला: अपने शानदार टेस्ट करियर के बावजूद, लक्ष्मण कभी भी एक भी वनडे विश्व कप में भारतीय टीम का हिस्सा नहीं बन पाए, जो उनके करियर का एक दुर्भाग्यपूर्ण पहलू माना जाता है।
- आत्मकथा: उन्होंने ‘281 एंड बियॉन्ड’ नाम की अपनी आत्मकथा लिखी है, जिसमें उन्होंने अपने क्रिकेट करियर और निजी जीवन के अनुभवों को साझा किया है।
सामान्य प्रश्न (FAQs)
प्रश्न: वीवीएस लक्ष्मण का पूरा नाम क्या है?
उत्तर: वीवीएस लक्ष्मण का पूरा नाम वंगीपुरापू वेंकट साई लक्ष्मण है। उन्हें अक्सर ‘वेरी वेरी स्पेशल लक्ष्मण’ के नाम से जाना जाता है, यह उपनाम उनकी कलात्मक बल्लेबाजी के कारण मिला था।
प्रश्न: वीवीएस लक्ष्मण की सबसे यादगार पारी कौन सी है?
उत्तर: वीवीएस लक्ष्मण की सबसे यादगार पारी 2001 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 281 रनों की पारी है। इस ऐतिहासिक पारी ने भारत को फॉलो-ऑन खेलने के बावजूद एक असंभव जीत दिलाई थी।
प्रश्न: वीवीएस लक्ष्मण ने कितने टेस्ट शतक बनाए हैं?
उत्तर: वीवीएस लक्ष्मण ने अपने टेस्ट करियर में कुल 17 शतक बनाए हैं। इनमें से कई शतक उन्होंने मुश्किल परिस्थितियों में और बड़ी टीमों, खासकर ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बनाए हैं।
प्रश्न: वीवीएस लक्ष्मण वर्तमान में क्या करते हैं?
उत्तर: अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, वीवीएस लक्ष्मण क्रिकेट कमेंटेटर, विश्लेषक और मेंटर के रूप में सक्रिय हैं। वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (NCA) के प्रमुख भी रह चुके हैं और वर्तमान में भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच राहुल द्रविड़ की अनुपस्थिति में टीम के साथ कोच के रूप में यात्रा करते हैं।
प्रश्न: क्या वीवीएस लक्ष्मण ने कभी आईपीएल खिताब जीता है?
उत्तर: एक खिलाड़ी के रूप में वीवीएस लक्ष्मण ने कभी आईपीएल खिताब नहीं जीता है। हालांकि, वह सनराइजर्स हैदराबाद टीम के मेंटर थे जब टीम ने 2016 में आईपीएल खिताब जीता था।
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