Harbhajan Singh Biography In Hindi | हरभजन सिंह की जीवनी
हरभजन सिंह की जीवनी (Harbhajan Singh Biography In Hindi) भारतीय क्रिकेट के सबसे प्रभावशाली स्पिन गेंदबाजों में से एक की असाधारण यात्रा का विस्तृत विवरण है। ‘टर्बनेटर’ के नाम से मशहूर हरभजन सिंह ने अपनी आक्रामक गेंदबाजी और जुझारू व्यक्तित्व से भारतीय क्रिकेट में एक नई पहचान बनाई। उनका करियर उतार-चढ़ावों से भरा रहा, लेकिन उन्होंने हर चुनौती का सामना दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ किया। इस लेख में, हम उनके जन्म से लेकर उनके अंतरराष्ट्रीय करियर, आईपीएल में उनके प्रदर्शन, उनके रिकॉर्ड्स, पुरस्कारों और निजी जीवन तक के हर पहलू पर गहराई से नज़र डालेंगे। हरभजन सिंह सिर्फ एक क्रिकेटर नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं, जिन्होंने यह सिखाया कि मेहनत, जुनून और अटूट विश्वास से कुछ भी हासिल किया जा सकता है।
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जन्म और परिवार

हरभजन सिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 को पंजाब के जालंधर शहर में हुआ था। वह एक सिख परिवार से संबंध रखते हैं। उनके पिता, सरदार सरदेव सिंह, एक व्यवसायी थे जो एक बॉल बेयरिंग और वॉल्व फैक्ट्री के मालिक थे। हरभजन की माँ का नाम अवतार कौर है। परिवार में हरभजन के अलावा पाँच बहनें भी हैं, जिससे वह परिवार के इकलौते बेटे थे। उनके पिता चाहते थे कि हरभजन परिवार के व्यवसाय को संभालें, लेकिन हरभजन के अंदर क्रिकेट के प्रति एक गहरा जुनून था, जिसने उन्हें एक अलग राह चुनने के लिए प्रेरित किया।
बचपन से ही हरभजन के पिता ने उन्हें अच्छी शिक्षा और सही मार्गदर्शन देने का प्रयास किया। परिवार का माहौल पारंपरिक और मूल्यों पर आधारित था, जिसने हरभजन के व्यक्तित्व को आकार दिया। हालांकि, उनके पिता ने समय के साथ उनके क्रिकेट के प्रति झुकाव को समझा और उनका समर्थन करना शुरू कर दिया। उनके परिवार ने हमेशा उनके सपनों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर उनके शुरुआती संघर्ष के दिनों में।
शुरुआती जीवन
हरभजन सिंह का शुरुआती जीवन काफी चुनौतियों से भरा रहा। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई जालंधर में ही की। क्रिकेट के प्रति उनका रुझान कम उम्र से ही दिखना शुरू हो गया था। शुरुआत में, हरभजन एक बल्लेबाज बनना चाहते थे, लेकिन उनके कोच, देविंदर अरोड़ा ने उनकी स्पिन गेंदबाजी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें ऑफ-स्पिन पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। यह सलाह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
1990 के दशक के मध्य में, जब हरभजन अभी भी युवा थे, उनके पिता का निधन हो गया। इस घटना ने परिवार पर भारी आर्थिक और भावनात्मक बोझ डाल दिया। हरभजन को कम उम्र में ही परिवार की जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने के लिए मजबूर होना पड़ा। वह अपने परिवार के एकमात्र पुरुष सदस्य थे, और उन्हें अपनी पांच बहनों की शादी और उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ी। इस कठिन समय में भी, उन्होंने क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को नहीं छोड़ा और इसे ही अपने और अपने परिवार के भविष्य का रास्ता बनाने का फैसला किया।
आर्थिक तंगी और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बावजूद, हरभजन ने कठोर प्रशिक्षण जारी रखा। उन्होंने पंजाब के घरेलू क्रिकेट सर्किट में अपनी जगह बनाई और जल्द ही अपनी गेंदबाजी से सबको प्रभावित करना शुरू कर दिया। उनकी गेंदबाजी में आक्रामकता, आत्मविश्वास और विकेट लेने की भूख साफ झलकती थी, जिसने उन्हें जल्दी ही राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
शिक्षा
हरभजन सिंह की औपचारिक शिक्षा उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत के साथ ही थोड़ी पीछे छूट गई। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा जालंधर, पंजाब में पूरी की। हालांकि, क्रिकेट के प्रति उनके अटूट समर्पण और लगातार प्रशिक्षण के कारण, वह उच्च शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। उनका पूरा ध्यान अपने खेल को निखारने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने पर केंद्रित था।
हालांकि उन्होंने पारंपरिक अकादमिक डिग्री हासिल नहीं की, हरभजन ने क्रिकेट के मैदान पर और जीवन में कई महत्वपूर्ण सबक सीखे। उनके अनुभवों ने उन्हें एक मजबूत और दृढ़निश्चयी व्यक्ति बनाया। उन्हें अक्सर क्रिकेट को ही अपनी “यूनिवर्सिटी” कहते सुना गया है, जहां उन्होंने खेल और जीवन के बारे में अमूल्य ज्ञान प्राप्त किया। उनका मानना था कि वास्तविक जीवन के अनुभव और व्यावहारिक ज्ञान किसी भी डिग्री से अधिक मूल्यवान हो सकते हैं, खासकर एक पेशेवर खिलाड़ी के करियर में।
क्रिकेट करियर

हरभजन सिंह का क्रिकेट करियर भारतीय क्रिकेट के इतिहास में सबसे चमकदार अध्यायों में से एक है। एक ऐसे समय में जब भारतीय स्पिन गेंदबाजी अनिल कुंबले के इर्द-गिर्द घूमती थी, हरभजन ने अपनी एक अलग पहचान बनाई और भारत के लिए कई यादगार जीत दर्ज कीं।
घरेलू करियर
हरभजन ने 1997-98 सीज़न में पंजाब के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया। उनकी प्रभावशाली ऑफ-स्पिन गेंदबाजी ने जल्द ही चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया। घरेलू सर्किट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मौका दिया। उनकी क्षमता और विकेट लेने की क्षमता स्पष्ट थी, जिससे उन्हें जल्द ही एक अंतरराष्ट्रीय ब्रेक मिला।
अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण और शुरुआती संघर्ष
- टेस्ट डेब्यू: हरभजन ने 25 मार्च 1998 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेंगलुरु में अपना टेस्ट डेब्यू किया।
- वनडे डेब्यू: उन्होंने 17 अप्रैल 1998 को न्यूजीलैंड के खिलाफ शारजाह में अपना वनडे डेब्यू किया।
शुरुआती दौर में हरभजन को टीम में अपनी जगह पक्की करने के लिए संघर्ष करना पड़ा। उनकी गेंदबाजी में निरंतरता की कमी और कभी-कभी अनुशासन संबंधी मुद्दों ने उनके करियर को प्रभावित किया। हालांकि, उन्हें 2000 के दशक की शुरुआत में एक बड़ा मौका मिला, जिसने उनके करियर की दिशा बदल दी।
ऐतिहासिक 2001 ऑस्ट्रेलिया सीरीज
यह श्रृंखला हरभजन के करियर का टर्निंग पॉइंट साबित हुई। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की घरेलू टेस्ट श्रृंखला में, अनिल कुंबले के चोटिल होने के कारण, हरभजन को टीम में मुख्य स्पिनर के रूप में मौका मिला। उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से लपका:
- टेस्ट हैट्रिक: हरभजन ने कोलकाता टेस्ट में हैट्रिक ली, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भी भारतीय गेंदबाज द्वारा पहली हैट्रिक थी। उन्होंने रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वार्न को लगातार गेंदों पर आउट किया।
- सीरीज प्रदर्शन: उन्होंने तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 32 विकेट लिए, जो एक भारतीय गेंदबाज द्वारा तीन मैचों की टेस्ट श्रृंखला में सबसे अधिक विकेट का रिकॉर्ड है। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को ऐतिहासिक श्रृंखला जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर कोलकाता में फॉलो-ऑन खेलने के बाद की ऐतिहासिक जीत में।
इस श्रृंखला के बाद, हरभजन भारतीय टीम के एक अभिन्न अंग बन गए और उन्हें ‘टर्बनेटर’ का उपनाम मिला।
लगातार सफलता और प्रमुख टूर्नामेंट
2000 के दशक में हरभजन भारतीय स्पिन आक्रमण के प्रमुख स्तंभ बने रहे। उन्होंने अनिल कुंबले के साथ मिलकर भारत के लिए कई टेस्ट और वनडे मैच जीते। उनकी ऑफ-स्पिन, जिसे ‘दूसरा’ और ‘फ्लिपर’ जैसी विविधताओं ने और घातक बना दिया था, दुनिया भर के बल्लेबाजों के लिए एक चुनौती थी।
- टी20 विश्व कप 2007: हरभजन भारतीय टीम का हिस्सा थे जिसने उद्घाटन टी20 विश्व कप जीता था।
- वनडे विश्व कप 2011: वह उस भारतीय टीम के भी सदस्य थे जिसने घर पर 28 साल बाद वनडे विश्व कप जीता था। इस टूर्नामेंट में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, खासकर मध्य ओवरों में विकेट लेने और रन गति पर अंकुश लगाने में।
चुनौतियां और वापसी
अपने करियर के दौरान हरभजन को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। 2008 में ‘मंकीगेट’ विवाद और उसके बाद उनके एक्शन पर सवाल उठने जैसी घटनाएं हुईं। हालांकि, उन्होंने हर बार वापसी की और अपनी गेंदबाजी को निखारा। युवा स्पिनरों के आने और फॉर्म में गिरावट के कारण उन्हें टीम से अंदर-बाहर होना पड़ा, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी।
करियर का अंतिम चरण और संन्यास
हरभजन ने अपना आखिरी टेस्ट मैच 2015 में श्रीलंका के खिलाफ खेला, और आखिरी वनडे और टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच भी उसी वर्ष खेले। अंततः, उन्होंने दिसंबर 2021 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास की घोषणा की, जिससे उनके 23 साल के लंबे और शानदार करियर का समापन हुआ। अपने संन्यास के बाद, उन्होंने क्रिकेट कमेंटेटर और विश्लेषक के रूप में भी काम किया है।
आईपीएल करियर
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी हरभजन सिंह का करियर काफी सफल और प्रभावशाली रहा है। वह आईपीएल के शुरुआती सीज़न से ही इसका हिस्सा रहे हैं और कई टीमों के लिए महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुए हैं।
मुंबई इंडियंस (2008-2017)
हरभजन सिंह ने अपने आईपीएल करियर की शुरुआत मुंबई इंडियंस के साथ की थी और 10 सीज़न तक इस फ्रेंचाइजी के एक प्रमुख सदस्य रहे। वह मुंबई इंडियंस के लिए एक महत्वपूर्ण विकेट लेने वाले गेंदबाज थे और उन्होंने कई मैचों में टीम को जीत दिलाई।
- कप्तानी: 2011 में, जब नियमित कप्तान सचिन तेंदुलकर चोटिल हुए, तब हरभजन ने मुंबई इंडियंस की कप्तानी की थी और चैंपियंस लीग टी20 का खिताब भी जीताया था।
- खिताब: वह 2013, 2015 और 2017 में मुंबई इंडियंस के साथ तीन आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम का हिस्सा थे।
- प्रदर्शन: मुंबई इंडियंस के लिए खेलते हुए उन्होंने 136 मैचों में 127 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी रेट भी काफी प्रभावशाली रही, जिससे वह हमेशा टी20 प्रारूप में एक मूल्यवान खिलाड़ी बने रहे।
चेन्नई सुपर किंग्स (2018-2019)
2018 की आईपीएल नीलामी में, हरभजन सिंह को चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने खरीदा। CSK में भी उन्होंने अपनी ऑफ-स्पिन से अच्छा प्रदर्शन किया और टीम की सफलता में योगदान दिया।
- खिताब: वह 2018 में चेन्नई सुपर किंग्स के साथ अपना चौथा आईपीएल खिताब जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे।
- प्रदर्शन: CSK के लिए उन्होंने 24 मैचों में 23 विकेट लिए।
कोलकाता नाइट राइडर्स (2021)
2020 में निजी कारणों से आईपीएल से बाहर रहने के बाद, हरभजन को 2021 की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने खरीदा। हालांकि, KKR के लिए उनका प्रदर्शन उतना प्रभावशाली नहीं रहा और उन्होंने कुछ ही मैच खेले। इसके बाद, उन्होंने आईपीएल से भी संन्यास की घोषणा कर दी।
पूरे आईपीएल करियर में, हरभजन सिंह ने अपनी अनुभव, कौशल और नेतृत्व क्षमता से टीमों को महत्वपूर्ण योगदान दिया। वह आईपीएल के इतिहास में सबसे अधिक विकेट लेने वाले गेंदबाजों में से एक रहे हैं और उनकी उपस्थिति ने हमेशा अपनी टीम में एक मजबूत चरित्र जोड़ा है।
रिकॉर्ड्स
हरभजन सिंह ने अपने शानदार क्रिकेट करियर के दौरान कई उल्लेखनीय रिकॉर्ड्स बनाए हैं। यहां उनके कुछ प्रमुख रिकॉर्ड्स दिए गए हैं:
| श्रेणी | रिकॉर्ड | विवरण |
|---|---|---|
| टेस्ट क्रिकेट | टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय | ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में कोलकाता में। |
| टेस्ट क्रिकेट | तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में सर्वाधिक विकेट | ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 में 32 विकेट। |
| टेस्ट क्रिकेट | सर्वाधिक टेस्ट विकेट (ऑफ-स्पिनर) | 417 विकेट (भारत के लिए दूसरे सर्वाधिक, अनिल कुंबले के बाद)। |
| वनडे क्रिकेट | भारत के लिए तीसरे सर्वाधिक वनडे विकेट | 269 विकेट। |
| टी20ई क्रिकेट | भारत के लिए टी20ई में अच्छे इकोनॉमी रेट के साथ विकेट | 25 विकेट (पहले कुछ वर्षों में महत्वपूर्ण)। |
| आईपीएल | आईपीएल में 150+ विकेट | आईपीएल इतिहास के शीर्ष विकेट लेने वालों में से एक। |
| आईपीएल | सर्वाधिक आईपीएल खिताब जीतने वाली टीमों का हिस्सा | मुंबई इंडियंस (3) और चेन्नई सुपर किंग्स (1) के साथ 4 खिताब। |
| अंतर्राष्ट्रीय करियर | भारत के लिए सभी प्रारूपों में 700+ अंतर्राष्ट्रीय विकेट | अनिल कुंबले के बाद दूसरे भारतीय। |
इन रिकॉर्ड्स के अलावा, हरभजन सिंह ने कई महत्वपूर्ण पार्टनरशिप में भी योगदान दिया और अपनी बल्लेबाजी से भी टीम को कुछ महत्वपूर्ण रन दिलाए। वह भारत के सबसे सफल ऑफ-स्पिनरों में से एक हैं और उनके रिकॉर्ड्स उनकी महानता की गवाही देते हैं।
पुरस्कार
हरभजन सिंह को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और भारतीय क्रिकेट में योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। यह पुरस्कार उनके खेल कौशल, दृढ़ता और देश के लिए उनकी सेवाओं को मान्यता देते हैं।
- अर्जुन पुरस्कार (2003): यह भारत सरकार द्वारा खिलाड़ियों को दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान है, जो उनके उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए दिया जाता है। हरभजन को 2003 में इस पुरस्कार से नवाजा गया था।
- पद्म श्री (2009): यह भारत का चौथा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार है। हरभजन सिंह को 2009 में क्रिकेट के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान के लिए पद्म श्री से सम्मानित किया गया।
- आईसीसी विश्व कप 2011: हरभजन उस भारतीय टीम के सदस्य थे जिसने 2011 में आईसीसी क्रिकेट विश्व कप जीता था। यह एक टीम पुरस्कार था, लेकिन उनकी भूमिका टीम की सफलता के लिए महत्वपूर्ण थी।
- आईसीसी विश्व टी20 2007: वह उस भारतीय टीम का भी हिस्सा थे जिसने 2007 में उद्घाटन आईसीसी विश्व टी20 टूर्नामेंट जीता था।
- चैंपियंस लीग टी20 2011: मुंबई इंडियंस के कप्तान के रूप में, उन्होंने टीम को चैंपियंस लीग टी20 का खिताब दिलाया।
- आईपीएल खिताब: उन्होंने मुंबई इंडियंस के साथ 2013, 2015, 2017 में और चेन्नई सुपर किंग्स के साथ 2018 में आईपीएल खिताब जीते हैं। यह उनकी टीम की सफलता का एक बड़ा हिस्सा थे।
यह पुरस्कार हरभजन सिंह के करियर की ऊंचाइयों को दर्शाते हैं और भारतीय क्रिकेट में उनके अमूल्य योगदान की पुष्टि करते हैं।
पत्नी / गर्लफ्रेंड
हरभजन सिंह ने भारतीय सिनेमा की अभिनेत्री गीता बसरा से शादी की है। दोनों ने कई सालों तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद 29 अक्टूबर 2015 को जालंधर में एक पारंपरिक सिख समारोह में शादी की। उनकी शादी काफी धूमधाम से हुई थी और इसमें क्रिकेट और बॉलीवुड जगत की कई हस्तियों ने शिरकत की थी।
हरभजन और गीता की पहली मुलाकात 2007 में हुई थी, जब हरभजन ने गीता को एक गाने के वीडियो में देखा और अपने दोस्त से उनके बारे में जानकारी मांगी। कई सालों की दोस्ती और रिश्ते के बाद, उन्होंने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और फिर शादी के बंधन में बंध गए।
इस जोड़े के दो बच्चे हैं: एक बेटी, जिसका नाम हिनाया हीर प्लाहा (जन्म 2016) है, और एक बेटा, जिसका नाम जोवन वीर सिंह प्लाहा (जन्म 2021) है। हरभजन सिंह अक्सर सोशल मीडिया पर अपने परिवार के साथ तस्वीरें और वीडियो साझा करते रहते हैं, जिससे उनके प्रशंसकों को उनके निजी जीवन की झलक मिलती रहती है। वह एक समर्पित पारिवारिक व्यक्ति के रूप में जाने जाते हैं, जो अपने परिवार के साथ समय बिताना पसंद करते हैं। गीता बसरा भी अक्सर क्रिकेट मैचों में अपने पति का समर्थन करने के लिए स्टेडियम में मौजूद रहती थीं।
नेट वर्थ
हरभजन सिंह का करियर एक सफल क्रिकेटर के रूप में रहा है, जिससे उन्होंने अच्छी खासी संपत्ति अर्जित की है। उनकी कुल संपत्ति में क्रिकेट से कमाई, ब्रांड एंडोर्समेंट, निवेश और अन्य व्यावसायिक उद्यम शामिल हैं। हालांकि, उनकी सटीक नेट वर्थ सार्वजनिक रूप से ज्ञात नहीं है, अनुमानों के अनुसार, उनकी कुल संपत्ति लगभग $30-40 मिलियन (लगभग 250-330 करोड़ रुपये) के आसपास हो सकती है।
आय के प्रमुख स्रोत:
- अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट: भारतीय क्रिकेट टीम के लिए खेलने के दौरान उन्हें मैच फीस, केंद्रीय अनुबंध और प्रदर्शन बोनस मिलता था।
- आईपीएल: वह इंडियन प्रीमियर लीग में कई सालों तक महंगे खिलाड़ियों में से एक रहे। मुंबई इंडियंस, चेन्नई सुपर किंग्स और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों से उन्हें लाखों डॉलर का वेतन मिला।
- ब्रांड एंडोर्समेंट: हरभजन सिंह ने अपने करियर के दौरान कई बड़े ब्रांड्स का विज्ञापन किया है, जिनमें रीबॉक, पेप्सी, रॉयल चैलेंज और कई अन्य शामिल हैं। ब्रांड एंडोर्समेंट उनकी आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत रहा है।
- टेलीविजन और कमेंट्री: संन्यास के बाद, हरभजन सिंह ने क्रिकेट विश्लेषक और कमेंटेटर के रूप में काम करना शुरू किया है, जो उनकी आय का एक और स्रोत है।
- निवेश: उन्होंने रियल एस्टेट और अन्य व्यावसायिक उद्यमों में भी निवेश किया है।
उनकी जीवनशैली भी काफी शानदार है, उनके पास जालंधर में एक आलीशान घर है और वह महंगी गाड़ियों के शौकीन हैं। हरभजन सिंह ने अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के दम पर न केवल क्रिकेट के मैदान पर सफलता हासिल की, बल्कि आर्थिक रूप से भी एक मजबूत मुकाम बनाया है।
रोचक तथ्य
हरभजन सिंह का जीवन और करियर कई दिलचस्प और अनकही कहानियों से भरा है। यहां उनके बारे में कुछ रोचक तथ्य दिए गए हैं:
- बल्लेबाज बनने की इच्छा: शुरुआत में, हरभजन सिंह एक बल्लेबाज बनना चाहते थे। उन्होंने अपने बचपन में बल्लेबाजी पर अधिक ध्यान केंद्रित किया था, लेकिन उनके कोच ने उनकी ऑफ-स्पिन प्रतिभा को पहचाना और उन्हें गेंदबाज बनने की सलाह दी।
- भारत की पहली टेस्ट हैट्रिक: हरभजन सिंह टेस्ट क्रिकेट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज हैं। उन्होंने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता में रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वार्न को लगातार गेंदों पर आउट किया था।
- ‘टर्बनेटर’ उपनाम: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 2001 की ऐतिहासिक श्रृंखला के दौरान, हरभजन के आक्रामक और विकेट लेने वाले स्वभाव के कारण उन्हें यह उपनाम दिया गया था।
- पिता के निधन के बाद परिवार की जिम्मेदारी: उनके पिता के निधन के बाद, हरभजन को अपने परिवार और पांच बहनों की देखभाल की जिम्मेदारी कम उम्र में ही उठानी पड़ी। उन्होंने अपने परिवार के लिए वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए क्रिकेट को गंभीरता से लिया।
- अभिनेत्री से शादी: हरभजन ने बॉलीवुड अभिनेत्री गीता बसरा से शादी की है, जिनसे उनके दो बच्चे हैं।
- दूसरा गेंदबाजी: हरभजन अपनी ‘दूसरा’ गेंद के लिए प्रसिद्ध थे, जो एक ऑफ-स्पिनर की गेंद होती है जो लेग-स्पिन की तरह घूमती है। हालांकि, इस गेंद को लेकर उनके करियर में कुछ विवाद भी हुए थे।
- राज्यसभा सांसद: मार्च 2022 में, हरभजन सिंह को आम आदमी पार्टी द्वारा पंजाब से राज्यसभा के लिए मनोनीत किया गया था, जिससे वह एक राजनेता भी बन गए।
- अंपायरिंग का प्रयास: अपने संन्यास के बाद, हरभजन ने एक इंटरव्यू में मजाक में कहा था कि वह अंपायरिंग में हाथ आजमाना चाहते हैं, क्योंकि वह खुद को “अंपायर के दोस्त” मानते हैं।
- परोपकार: हरभजन सिंह कई सामाजिक कार्यों और धर्मार्थ गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं।
ये तथ्य हरभजन सिंह के बहुआयामी व्यक्तित्व और उनके जीवन की अनूठी यात्रा को दर्शाते हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQs)
हरभजन सिंह का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
हरभजन सिंह का जन्म 3 जुलाई 1980 को पंजाब के जालंधर शहर में हुआ था।
हरभजन सिंह को ‘टर्बनेटर’ क्यों कहा जाता है?
हरभजन सिंह को 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपनी आक्रामक गेंदबाजी और शानदार प्रदर्शन के कारण ‘टर्बनेटर’ का उपनाम मिला था, खासकर जब उन्होंने टेस्ट में हैट्रिक ली थी।
हरभजन सिंह ने टेस्ट क्रिकेट में कितनी हैट्रिक ली हैं?
हरभजन सिंह ने अपने टेस्ट करियर में एक हैट्रिक ली है। यह हैट्रिक उन्होंने 2001 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता में ली थी, जो टेस्ट क्रिकेट में किसी भारतीय गेंदबाज द्वारा पहली हैट्रिक थी।
हरभजन सिंह ने आईपीएल में किन टीमों के लिए खेला है?
हरभजन सिंह ने अपने आईपीएल करियर में मुंबई इंडियंस (2008-2017), चेन्नई सुपर किंग्स (2018-2019) और कोलकाता नाइट राइडर्स (2021) के लिए खेला है।
हरभजन सिंह की पत्नी का नाम क्या है और उनके कितने बच्चे हैं?
हरभजन सिंह की पत्नी का नाम गीता बसरा है, जो एक बॉलीवुड अभिनेत्री हैं। उनके दो बच्चे हैं: एक बेटी हिनाया हीर प्लाहा और एक बेटा जोवन वीर सिंह प्लाहा।
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