Baba Aparajith Biography In Hindi | बाबा अपराजित की जीवनी
भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में से एक, बाबा अपराजित का नाम उन खिलाड़ियों में शुमार है जिन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से दर्शकों का दिल जीता है। अगर आप बाबा अपराजित के जीवन और करियर के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो यह Baba Aparajith Biography In Hindi आपके लिए है। दाएं हाथ के बल्लेबाज और ऑफ-ब्रेक गेंदबाज के तौर पर, अपराजित ने घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी पहचान बनाई है। उन्होंने भारत को अंडर-19 विश्व कप जिताने में भी अहम भूमिका निभाई थी। इस लेख में, हम उनके जन्म से लेकर उनके शुरुआती जीवन, क्रिकेट करियर, आईपीएल सफर, रिकॉर्ड्स, पुरस्कार, निजी जीवन, नेट वर्थ और कुछ रोचक तथ्यों पर गहनता से प्रकाश डालेंगे।
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जन्म और परिवार

बाबा अपराजित का जन्म 8 जुलाई 1994 को चेन्नई, तमिलनाडु में हुआ था। वह एक ऐसे परिवार से आते हैं जिसका क्रिकेट से गहरा संबंध है। उनके माता-पिता ने उन्हें और उनके जुड़वां भाई, बाबा इंद्रजीत, दोनों को क्रिकेट में आगे बढ़ने के लिए भरपूर समर्थन दिया। यह एक दुर्लभ संयोग है कि बाबा अपराजित और बाबा इंद्रजीत दोनों ही पेशेवर क्रिकेटर हैं और अक्सर एक ही टीम, तमिलनाडु के लिए खेलते हैं। उनके परिवार में क्रिकेट के प्रति यह जुनून और समर्पण साफ दिखाई देता है। बचपन से ही, अपराजित को अपने भाई के साथ क्रिकेट खेलने और प्रतिस्पर्धा करने का अवसर मिला, जिसने उनके खेल कौशल को निखारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनका परिवार हमेशा उनकी प्रेरणा का स्रोत रहा है, और उन्होंने अपने माता-पिता के दिए गए संस्कारों और समर्थन के महत्व को कई बार स्वीकार किया है।
शुरुआती जीवन
चेन्नई में पले-बढ़े बाबा अपराजित ने बहुत कम उम्र से ही क्रिकेट के प्रति अपनी रुचि दिखाना शुरू कर दिया था। अपने जुड़वां भाई बाबा इंद्रजीत के साथ, उन्होंने स्थानीय मैदानों और गलियों में क्रिकेट खेलकर अपनी प्रतिभा को विकसित किया। यह उनके बचपन का एक अभिन्न अंग था। उनके माता-पिता ने उनके क्रिकेट के जुनून को पहचाना और उन्हें सही प्रशिक्षण और सुविधाएं प्रदान कीं। अपराजित ने चेन्नई में विभिन्न क्रिकेट अकादमियों में प्रशिक्षण लिया, जहाँ उन्होंने अपने बल्लेबाजी और गेंदबाजी कौशल को तेज किया। वे अपनी कड़ी मेहनत और अनुशासन के लिए जाने जाते थे, और छोटी उम्र से ही उन्होंने यह दिखा दिया था कि उनमें एक पेशेवर क्रिकेटर बनने की क्षमता है। शुरुआती जीवन में ही उन्होंने कई स्थानीय और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसने उन्हें तमिलनाडु की जूनियर टीमों में जगह बनाने में मदद की। इस दौर में उन्हें अपने खेल को समझने और अपनी कमजोरियों पर काम करने का महत्वपूर्ण अनुभव मिला।
शिक्षा

बाबा अपराजित ने अपनी स्कूली शिक्षा चेन्नई के प्रतिष्ठित एस. डी. ए. वी. पब्लिक स्कूल से प्राप्त की। उनकी शिक्षा के दौरान भी, क्रिकेट उनके जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहा। स्कूल ने उन्हें खेल के साथ-साथ पढ़ाई पर भी ध्यान केंद्रित करने का वातावरण प्रदान किया। हालांकि, पेशेवर क्रिकेट करियर की मांगों के कारण, वे उच्च शिक्षा पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा को पूरा करने के बाद पूरी तरह से क्रिकेट पर ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया। यह उनके लिए एक स्वाभाविक कदम था, क्योंकि उनकी क्रिकेट प्रतिभा बचपन से ही स्पष्ट थी। शिक्षा के दौरान भी, उन्होंने अपनी टीम के लिए कई महत्वपूर्ण मैच खेले और अपने स्कूल का नाम रोशन किया।
क्रिकेट करियर
बाबा अपराजित का क्रिकेट करियर घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों स्तरों पर काफी सफल रहा है। उन्होंने अपनी बहुमुखी प्रतिभा से हर प्रारूप में छाप छोड़ी है।
घरेलू क्रिकेट
बाबा अपराजित ने तमिलनाडु के लिए घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है। उन्होंने रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में अपनी टीम का प्रतिनिधित्व किया है।
- रणजी ट्रॉफी: अपराजित ने रणजी ट्रॉफी में तमिलनाडु के मध्य क्रम को मजबूती प्रदान की है। उन्होंने कई महत्वपूर्ण पारियां खेली हैं और अपनी ऑफ-ब्रेक गेंदबाजी से विकेट भी लिए हैं। उनकी बल्लेबाजी में स्थिरता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें एक विश्वसनीय खिलाड़ी बनाती है। वह अक्सर तमिलनाडु के लिए एक ऑलराउंडर के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जो टीम को संतुलन प्रदान करता है।
- विजय हजारे ट्रॉफी: सीमित ओवरों के प्रारूप में भी उनका प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा है। विजय हजारे ट्रॉफी में उन्होंने कई मैच जिताऊ पारियां खेली हैं और अपनी गेंदबाजी से भी प्रभावित किया है। वह अक्सर टीम के लिए फिनिशर की भूमिका निभाते हैं और मुश्किल परिस्थितियों में भी स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाते हैं।
- सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी: टी20 प्रारूप में भी अपराजित का योगदान महत्वपूर्ण रहा है। सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में उन्होंने अपनी तेजतर्रार बल्लेबाजी और किफायती गेंदबाजी से अपनी टीम के लिए कई मैच जीते हैं। वह अपनी बल्लेबाजी के साथ-साथ अपनी कप्तानी क्षमता के लिए भी जाने जाते हैं और कई बार तमिलनाडु की टीमों का नेतृत्व भी किया है।
अंडर-19 विश्व कप
बाबा अपराजित ने 2012 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऑस्ट्रेलिया में आयोजित हुए इस टूर्नामेंट में, उन्होंने अपनी ऑलराउंड प्रदर्शन से सभी को प्रभावित किया। उन्होंने बल्लेबाजी में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अपनी ऑफ-स्पिन गेंदबाजी से कई अहम विकेट भी चटकाए। विशेष रूप से, उन्होंने सेमीफाइनल और फाइनल जैसे बड़े मैचों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिससे भारतीय टीम को विश्व कप जीतने में मदद मिली। इस टूर्नामेंट ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई और उन्हें भविष्य के लिए एक उज्ज्वल संभावना के रूप में देखा जाने लगा। उनका प्रदर्शन युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना।
इंडिया ए और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन
घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद, बाबा अपराजित को इंडिया ए टीम में जगह मिली। उन्होंने इंडिया ए के लिए कई अंतरराष्ट्रीय दौरे किए और वहां भी अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इंडिया ए के लिए खेलते हुए, उन्होंने विभिन्न देशों के खिलाफ महत्वपूर्ण मैच खेले और अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों से प्रभावित किया। यह अनुभव उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए तैयार करने में सहायक रहा। हालांकि उन्हें अभी तक सीनियर भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने का मौका नहीं मिला है, लेकिन इंडिया ए स्तर पर उनके प्रदर्शन ने हमेशा चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। उनका प्रदर्शन बड़े मंचों पर उनकी क्षमता को दर्शाता है, और वह भारतीय टीम में जगह बनाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं।
आईपीएल करियर

बाबा अपराजित ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, हालांकि उन्हें ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
- चेन्नई सुपर किंग्स (2013-2015): आईपीएल में उनका सफर चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ शुरू हुआ। वह 2013 से 2015 तक सीएसके टीम का हिस्सा रहे। हालांकि, उस समय सीएसके की टीम काफी मजबूत थी, और उन्हें अंतिम एकादश में नियमित रूप से जगह बनाना मुश्किल था। इन वर्षों में, उन्हें कुछ ही मैच खेलने का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने नेट्स में और टीम के साथ समय बिताकर बहुत कुछ सीखा।
- राइजिंग पुणे सुपरजायंट (2016-2017): सीएसके पर प्रतिबंध लगने के बाद, अपराजित को राइजिंग पुणे सुपरजायंट ने अपनी टीम में शामिल किया। उन्होंने 2016 और 2017 के सत्रों में इस फ्रेंचाइजी के लिए खेला। यहां भी उन्हें खेलने के सीमित अवसर मिले, लेकिन उन्होंने अपनी कड़ी मेहनत और समर्पण से टीम प्रबंधन को प्रभावित किया।
- कोलकाता नाइट राइडर्स (2022): आईपीएल 2022 की मेगा नीलामी में, कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) ने उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। हालांकि, इस सीजन में भी उन्हें कोई मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इसके बावजूद, आईपीएल का अनुभव उन्हें दुनिया के कुछ बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ समय बिताने और अपने खेल को निखारने का अवसर देता रहा है।
आईपीएल में सीमित अवसरों के बावजूद, बाबा अपराजित ने हमेशा अपनी फ्रेंचाइजी के प्रति प्रतिबद्धता दिखाई है और घरेलू क्रिकेट में अपने प्रदर्शन से यह साबित करने की कोशिश की है कि उनमें एक मूल्यवान टी20 खिलाड़ी बनने की क्षमता है।
रिकॉर्ड्स
बाबा अपराजित ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स बनाए हैं, खासकर घरेलू क्रिकेट में:
- वह भारत के उन कुछ क्रिकेटरों में से हैं जिन्होंने अंडर-19 विश्व कप जीता है और घरेलू स्तर पर लगातार प्रदर्शन किया है।
- घरेलू टी20 क्रिकेट (सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी) में, उनके नाम कई अर्धशतकीय पारियां दर्ज हैं, जो उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रमाण हैं।
- उन्होंने कई बार तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में शतकीय और अर्धशतकीय साझेदारियां निभाई हैं।
- वह अपने जुड़वां भाई बाबा इंद्रजीत के साथ एक ही प्रथम श्रेणी मैच में शतक बनाने वाले दुर्लभ भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं।
उनकी बल्लेबाजी औसत और विकेट लेने की क्षमता उन्हें तमिलनाडु के सबसे भरोसेमंद ऑलराउंडरों में से एक बनाती है।
पुरस्कार

बाबा अपराजित ने अपने शानदार प्रदर्शन के लिए कई पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।
- मैन ऑफ द मैच / टूर्नामेंट: घरेलू क्रिकेट में कई बार उन्हें मैन ऑफ द मैच या मैन ऑफ द टूर्नामेंट के पुरस्कार से नवाजा गया है, खासकर रणजी ट्रॉफी और विजय हजारे ट्रॉफी में उनके बेहतरीन ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए।
- बीसीसीआई से सम्मान: अंडर-19 विश्व कप 2012 जीतने वाली टीम के सदस्य के रूप में, उन्हें बीसीसीआई (भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड) और तमिलनाडु क्रिकेट एसोसिएशन से विशेष सम्मान और नकद पुरस्कार मिला था।
- विशेष उल्लेख: वह अक्सर उन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं जिन्होंने भारतीय घरेलू क्रिकेट में असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी तक राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं बना पाए हैं, जिसके लिए उन्हें अक्सर मीडिया और प्रशंसकों से प्रशंसा मिलती है।
पत्नी / गर्लफ्रेंड
बाबा अपराजित की निजी जिंदगी की बात करें तो, उन्होंने 2020 में सुमी अपराजित से शादी की। उनकी शादी एक निजी समारोह में हुई थी जिसमें परिवार और करीबी दोस्त शामिल हुए थे। सुमी अपराजित अक्सर सोशल मीडिया पर अपने पति के साथ तस्वीरें साझा करती रहती हैं और उन्हें मैचों में भी सपोर्ट करती हुई नजर आती हैं। बाबा अपराजित अपनी निजी जिंदगी को काफी निजी रखना पसंद करते हैं, लेकिन उन्होंने सुमी को अपने सबसे बड़े समर्थकों में से एक बताया है। उनके रिश्ते ने उनके जीवन में स्थिरता और खुशी लाई है।
नेट वर्थ
बाबा अपराजित की नेट वर्थ का अनुमान उनके क्रिकेट करियर और अन्य आय स्रोतों पर आधारित है। हालांकि सटीक आंकड़े सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं, अनुमान है कि उनकी नेट वर्थ अच्छी खासी है।
उनकी आय के मुख्य स्रोत निम्नलिखित हैं:
- घरेलू क्रिकेट सैलरी: वह तमिलनाडु के लिए रणजी ट्रॉफी, विजय हजारे ट्रॉफी और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी खेलने के लिए भारतीय घरेलू क्रिकेट बोर्ड से वेतन प्राप्त करते हैं।
- आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट्स: विभिन्न आईपीएल फ्रेंचाइजी (चेन्नई सुपर किंग्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट, कोलकाता नाइट राइडर्स) के साथ उनके अनुबंधों ने भी उनकी आय में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
- एंडोर्समेंट्स: समय-समय पर, उन्हें कुछ स्थानीय ब्रांडों या स्पोर्ट्स इक्विपमेंट कंपनियों द्वारा एंडोर्स भी किया गया होगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि हुई होगी।
- अन्य निवेश: कई क्रिकेटरों की तरह, उन्होंने भी अपनी आय को विभिन्न निवेशों में लगाया होगा।
एक अनुमान के मुताबिक, बाबा अपराजित की नेट वर्थ लगभग 1 मिलियन डॉलर से 5 मिलियन डॉलर के बीच हो सकती है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये आंकड़े अनुमानित हैं और इसमें समय के साथ बदलाव हो सकता है।
रोचक तथ्य
- बाबा अपराजित का एक जुड़वां भाई है, बाबा इंद्रजीत, जो भी एक पेशेवर क्रिकेटर हैं और अक्सर तमिलनाडु के लिए खेलते हैं। यह भारतीय क्रिकेट में एक दुर्लभ संयोग है।
- वह 2012 में भारत की अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा थे, जिसने ऑस्ट्रेलिया को हराकर खिताब जीता था।
- अपराजित को उनकी शांतचित्तता और दबाव में अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता के लिए जाना जाता है।
- वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज हैं, जो उन्हें एक सच्चा ऑलराउंडर बनाता है।
- वह केवल तमिलनाडु के लिए ही नहीं, बल्कि इंडिया ए के लिए भी खेल चुके हैं, जिससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय अनुभव प्राप्त हुआ है।
- उनके नाम प्रथम श्रेणी क्रिकेट में कुछ महत्वपूर्ण शतकीय पारियां दर्ज हैं, जिनमें से कुछ उनके भाई इंद्रजीत के साथ साझेदारी में आई हैं।
- आईपीएल में वह चेन्नई सुपर किंग्स, राइजिंग पुणे सुपरजायंट और कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों का हिस्सा रह चुके हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQs)
बाबा अपराजित कौन है और वह किस लिए प्रसिद्ध है?
बाबा अपराजित एक भारतीय पेशेवर क्रिकेटर हैं, जो तमिलनाडु के लिए घरेलू क्रिकेट खेलते हैं। वह दाएं हाथ के बल्लेबाज और दाएं हाथ के ऑफ-ब्रेक गेंदबाज के रूप में एक ऑलराउंडर हैं। वह मुख्य रूप से 2012 में अंडर-19 विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्य के रूप में और घरेलू क्रिकेट में तमिलनाडु के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के लिए प्रसिद्ध हैं। उन्होंने कई वर्षों तक तमिलनाडु की टीम का नेतृत्व भी किया है और टीम के लिए कई महत्वपूर्ण मैच जिताऊ प्रदर्शन किए हैं।
बाबा अपराजित की उम्र कितनी है?
बाबा अपराजित का जन्म 8 जुलाई 1994 को हुआ था। इस प्रकार, 2024 में उनकी उम्र 30 वर्ष है। वह भारतीय घरेलू क्रिकेट में एक अनुभवी खिलाड़ी के रूप में जाने जाते हैं, जिन्होंने युवावस्था से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था और लगातार अपने खेल में सुधार करते रहे हैं। उनकी उम्र उन्हें अभी भी अपने करियर के शिखर पर पहुंचने का अवसर देती है।
बाबा अपराजित के परिवार में कौन-कौन हैं?
बाबा अपराजित के परिवार में उनके माता-पिता और उनके जुड़वां भाई, बाबा इंद्रजीत शामिल हैं। बाबा इंद्रजीत भी एक पेशेवर क्रिकेटर हैं और तमिलनाडु के लिए खेलते हैं। दोनों भाई अक्सर एक साथ क्रिकेट खेलते हुए देखे जाते हैं और एक-दूसरे के खेल में सुधार के लिए प्रेरणा का स्रोत रहे हैं। बाबा अपराजित विवाहित हैं और उनकी पत्नी का नाम सुमी अपराजित है। उनका परिवार उनके क्रिकेट करियर में एक मजबूत सहारा रहा है।
बाबा अपराजित का आईपीएल करियर कैसे शुरू हुआ?
बाबा अपराजित का आईपीएल करियर 2013 में चेन्नई सुपर किंग्स (सीएसके) के साथ शुरू हुआ। उन्हें अपनी घरेलू फ्रेंचाइजी सीएसके ने खरीदा था। हालांकि, उस समय सीएसके की टीम में कई अनुभवी और स्थापित खिलाड़ी थे, इसलिए उन्हें शुरुआती वर्षों में अंतिम एकादश में खेलने के अधिक अवसर नहीं मिल पाए। बाद में वह राइजिंग पुणे सुपरजायंट और फिर कोलकाता नाइट राइडर्स जैसी टीमों का भी हिस्सा रहे, लेकिन उन्हें आईपीएल में ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला।
बाबा अपराजित की नेट वर्थ कितनी है?
बाबा अपराजित की नेट वर्थ का कोई निश्चित सार्वजनिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन अनुमानित तौर पर उनकी नेट वर्थ 1 मिलियन डॉलर से 5 मिलियन डॉलर (लगभग 8 करोड़ से 40 करोड़ रुपये) के बीच हो सकती है। उनकी आय के मुख्य स्रोतों में घरेलू क्रिकेट की सैलरी, आईपीएल के अनुबंध और कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट्स शामिल हैं। एक पेशेवर क्रिकेटर के रूप में उनका करियर और विभिन्न लीगों में उनकी भागीदारी उनकी वित्तीय स्थिति में योगदान करती है।
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