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Shikhar Dhawan Biography In Hindi | शिखर धवन की जीवनी

Shikhar Dhawan Biography In Hindi | शिखर धवन की जीवनी

परिचय

Shikhar Dhawan Biography In Hindi | शिखर धवन की जीवनी

भारतीय क्रिकेट के ‘गब्बर’ के नाम से मशहूर शिखर धवन, एक बाएं हाथ के सलामी बल्लेबाज हैं जिन्होंने अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली और बेजोड़ आत्मविश्वास से लाखों क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीता है। दिल्ली के इस क्रिकेटर ने भारतीय टीम को कई यादगार जीत दिलाई हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यह लेख शिखर धवन के जीवन, उनके करियर के उतार-चढ़ाव, रिकॉर्ड्स, व्यक्तिगत जीवन और उन सभी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान करता है जिन्होंने उन्हें भारतीय क्रिकेट का एक खास चेहरा बनाया है। हम उनकी कहानी को “Shikhar Dhawan Biography In Hindi” के माध्यम से विस्तार से जानेंगे।

धवन का करियर एक ऐसे खिलाड़ी का उदाहरण है जिसने शुरुआती संघर्षों के बावजूद कभी हार नहीं मानी। उन्होंने अपने करियर में कई बार टीम से बाहर होने के बाद भी मजबूत वापसी की है, जो उनके दृढ़ संकल्प और मानसिक शक्ति को दर्शाता है। उनका ‘गब्बर’ स्टाइल सेलिब्रेशन, उनके शरीर पर टैटू और मैदान पर उनकी जीवंत उपस्थिति उन्हें दर्शकों के बीच और भी लोकप्रिय बनाती है। वह न केवल एक शानदार बल्लेबाज हैं, बल्कि एक बेहतरीन फील्डर और एक प्रेरणादायक टीम साथी भी हैं।

जन्म और परिवार

Shikhar Dhawan Biography In Hindi | शिखर धवन की जीवनी

शिखर धवन का जन्म 5 दिसंबर 1985 को दिल्ली में एक पंजाबी परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम महेंद्र पाल धवन और माता का नाम सुनैना धवन है। उनकी एक छोटी बहन भी है, जिसका नाम श्रेष्ठा धवन है। धवन के पिता एक व्यवसायी हैं, और उनकी माता एक गृहिणी हैं। उनके परिवार ने हमेशा उनके क्रिकेट के प्रति जुनून का समर्थन किया, हालांकि शुरुआती दिनों में कुछ आशंकाएं थीं।

उनके परिवार का दिल्ली के एक मध्यमवर्गीय माहौल में रहना उन्हें जमीनी स्तर पर क्रिकेट से जुड़ने में मदद मिली। उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रोत्साहित किया, भले ही क्रिकेट में करियर बनाना कितना भी चुनौतीपूर्ण क्यों न रहा हो। यह पारिवारिक समर्थन ही था जिसने शिखर को अपने शुरुआती दिनों में क्रिकेट के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखने में मदद की। उनका परिवार उनके करियर के हर चरण में उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा रहा है।

शुरुआती जीवन

शिखर धवन को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। दिल्ली की गलियों और मैदानों में उन्होंने अपना बचपन बिताया, जहां क्रिकेट उनका सबसे पसंदीदा खेल था। उनके माता-पिता ने उनके क्रिकेट के प्रति जुनून को पहचाना और उन्हें 12 साल की उम्र में सोनेट क्रिकेट अकादमी में दाखिला दिलाया, जहां उन्होंने तारक सिन्हा के मार्गदर्शन में अपनी क्रिकेट यात्रा शुरू की। तारक सिन्हा दिल्ली के कई प्रसिद्ध क्रिकेटरों के गुरु रहे हैं।

सोनेट अकादमी में प्रशिक्षण के दौरान, धवन ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। वह एक प्राकृतिक आक्रामक बल्लेबाज थे और उनकी तकनीक पर तारक सिन्हा ने बहुत काम किया। उन्होंने विभिन्न आयु-वर्ग टूर्नामेंटों में दिल्ली का प्रतिनिधित्व किया और लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। U15, U17 और U19 स्तर पर उनके प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। उनकी सबसे बड़ी पहचान तब बनी जब उन्होंने 2004 के अंडर-19 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व किया और टूर्नामेंट के अग्रणी रन-स्कोरर बने, जहां उन्होंने 7 मैचों में 84.16 की औसत से 505 रन बनाए, जिसमें तीन शतक शामिल थे। इस प्रदर्शन ने उन्हें भविष्य का सितारा बना दिया, हालांकि सीनियर स्तर पर उन्हें तुरंत मौका नहीं मिला।

शिक्षा

शिखर धवन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में ही पूरी की। उन्होंने सेंट मार्क्स सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल, मीरा बाग, दिल्ली से पढ़ाई की। क्रिकेट के प्रति उनका गहरा लगाव होने के कारण उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा के बाद उच्च शिक्षा पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया और अपना पूरा समय क्रिकेट को समर्पित कर दिया। उनका मानना था कि उनकी असली शिक्षा क्रिकेट के मैदान पर ही होगी।

हालांकि उन्होंने औपचारिक शिक्षा में बहुत समय नहीं लगाया, लेकिन उन्होंने क्रिकेट के माध्यम से जीवन के कई महत्वपूर्ण सबक सीखे। अनुशासन, कड़ी मेहनत, टीम वर्क और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता – ये सभी गुण उन्होंने क्रिकेट के मैदान पर ही सीखे। यह अनुभव उन्हें एक सफल क्रिकेटर और एक बेहतर व्यक्ति बनाने में सहायक रहा।

क्रिकेट करियर

घरेलू करियर

घरेलू क्रिकेट में शिखर धवन का सफर काफी लंबा और संघर्षपूर्ण रहा। उन्होंने दिल्ली के लिए 2004-05 रणजी ट्रॉफी में अपना प्रथम श्रेणी पदार्पण किया। शुरुआती कुछ सीजन में उन्हें अपनी जगह पक्की करने में समय लगा, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने अपनी बल्लेबाजी से प्रभावित करना शुरू किया। उन्होंने दिल्ली के लिए लगातार रन बनाए और अपनी पहचान एक मजबूत सलामी बल्लेबाज के रूप में स्थापित की। वह दिल्ली टीम के नियमित सदस्य बन गए और कई बार टीम के लिए महत्वपूर्ण पारियां खेलीं। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने उन्हें राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में ला दिया, लेकिन अंतर्राष्ट्रीय पदार्पण के लिए उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा।

अंतर्राष्ट्रीय करियर (वनडे)

शिखर धवन ने 20 अक्टूबर 2010 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ विशाखापत्तनम में अपना वनडे अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। हालांकि, उन्हें इस मैच में शून्य पर आउट होकर निराशा हाथ लगी। शुरुआती कुछ मैचों में वह अपनी छाप नहीं छोड़ पाए और टीम से बाहर हो गए। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाते रहे।

उनकी किस्मत 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में चमकी, जहां उन्हें सलामी बल्लेबाज के रूप में मौका मिला। उन्होंने इस टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए दो शतक लगाए और 5 मैचों में 90.75 की औसत से 363 रन बनाकर ‘गोल्डन बैट’ का खिताब जीता। भारत ने यह ट्रॉफी जीती और धवन भारतीय टीम के एक अहम सदस्य बन गए। इसके बाद उन्होंने वनडे में पीछे मुड़कर नहीं देखा और रोहित शर्मा के साथ मिलकर भारत को कई सफल साझेदारियां दीं। वह आईसीसी टूर्नामेंट्स में भारत के लिए लगातार रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं, खासकर चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप में उनका रिकॉर्ड प्रभावशाली है।

अंतर्राष्ट्रीय करियर (टेस्ट)

शिखर धवन ने 14 मार्च 2013 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में अपना टेस्ट डेब्यू किया। यह डेब्यू ऐतिहासिक रहा क्योंकि उन्होंने अपने पहले ही मैच में 187 रनों की शानदार पारी खेली, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा डेब्यू टेस्ट में सबसे तेज शतक था (85 गेंदों में)। इस पारी ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में उनकी निरंतरता उतनी नहीं रही जितनी वनडे में थी। वह कुछ महत्वपूर्ण पारियां खेलने में सफल रहे, लेकिन फॉर्मेट की लंबी अवधि में उन्हें खुद को स्थापित करने में कठिनाई हुई। उन्होंने 34 टेस्ट मैचों में 40.61 की औसत से 2315 रन बनाए, जिसमें 7 शतक और 5 अर्धशतक शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय करियर (टी20आई)

धवन ने 4 जून 2011 को वेस्टइंडीज के खिलाफ पोर्ट ऑफ स्पेन में अपना टी20 अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। टी20 प्रारूप में भी वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी शैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारत के लिए कई महत्वपूर्ण टी20 पारियां खेली हैं और पावरप्ले में तेजी से रन बटोरने में माहिर रहे हैं। वह टी20आई में भारत के लिए शीर्ष रन-स्कोरर्स में से एक हैं और उन्होंने इस फॉर्मेट में भी कई अर्धशतक लगाए हैं। उनकी फील्डिंग भी टी20आई में एक अतिरिक्त लाभ प्रदान करती है।

कप्तानी

अपने करियर के दौरान, शिखर धवन को कई बार भारतीय टीम की कप्तानी करने का भी मौका मिला है, खासकर जब नियमित कप्तान को आराम दिया गया हो या वह अनुपलब्ध हों। उन्होंने श्रीलंका, वेस्टइंडीज और दक्षिण अफ्रीका जैसी टीमों के खिलाफ भारत का नेतृत्व किया है। उनकी कप्तानी में टीम ने कई श्रृंखलाएं जीती हैं, जिससे पता चलता है कि वह न केवल एक अनुभवी खिलाड़ी हैं बल्कि एक अच्छे लीडर भी हैं।

आईपीएल करियर

शिखर धवन इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के इतिहास के सबसे सफल बल्लेबाजों में से एक हैं। उन्होंने 2008 में अपने आईपीएल करियर की शुरुआत दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) के साथ की थी। इसके बाद वह मुंबई इंडियंस, डेक्कन चार्जर्स (बाद में सनराइजर्स हैदराबाद), सनराइजर्स हैदराबाद और वापस दिल्ली कैपिटल्स और फिर पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं।

धवन आईपीएल में लगातार 500+ रन बनाने वाले खिलाड़ियों में से एक रहे हैं और उन्होंने कई ऑरेंज कैप की दौड़ में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वह आईपीएल में 6000 से अधिक रन बनाने वाले कुछ चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं। उनकी निरंतरता और दबाव में प्रदर्शन करने की क्षमता उन्हें आईपीएल में एक मूल्यवान खिलाड़ी बनाती है। वह अपनी वर्तमान टीम, पंजाब किंग्स के भी कप्तान हैं, जो उनकी नेतृत्व क्षमता और अनुभव को दर्शाता है।

उनके आईपीएल करियर की कुछ महत्वपूर्ण बातें:

  • आईपीएल में दो शतक लगाने वाले कुछ भारतीय बल्लेबाजों में से एक।
  • आईपीएल में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड उनके नाम है।
  • लगातार कई सीज़न में 400+ और 500+ रन बनाने वाले खिलाड़ियों में शामिल।
  • अपनी कप्तानी में पंजाब किंग्स को बेहतर प्रदर्शन करने में मदद कर रहे हैं।

रिकॉर्ड्स

शिखर धवन ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड बनाए हैं, जो उनकी बल्लेबाजी की क्षमता और निरंतरता को दर्शाते हैं। यहां कुछ प्रमुख रिकॉर्ड्स दिए गए हैं:

  • टेस्ट डेब्यू पर सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज (85 गेंदों पर 187 रन बनाम ऑस्ट्रेलिया, 2013)।
  • आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज (3 शतक)।
  • आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में लगातार दो बार गोल्डन बैट जीतने वाले एकमात्र खिलाड़ी (2013 और 2017)।
  • वनडे में 2000, 3000, 4000, 5000 और 6000 रन तक पहुंचने वाले सबसे तेज भारतीय बाएं हाथ के बल्लेबाज।
  • आईपीएल में 6000 से अधिक रन बनाने वाले चुनिंदा बल्लेबाजों में से एक।
  • आईपीएल में सबसे ज्यादा चौके लगाने का रिकॉर्ड।
  • आईपीएल में लगातार दो शतक लगाने वाले एकमात्र भारतीय बल्लेबाज।

यहां कुछ प्रमुख आंकड़े तालिका के रूप में दिए गए हैं:

फॉर्मेट मैच रन औसत शतक अर्धशतक
टेस्ट 34 2315 40.61 7 5
वनडे 167 6793 44.11 17 39
टी20आई 68 1759 27.92 0 11
आईपीएल 217 6617* 35.76* 2 50*

*आईपीएल आंकड़े सीजन 2023 तक अनुमानित/अद्यतन हैं।

पुरस्कार

शिखर धवन को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है:

  • अर्जुन पुरस्कार (2021): भारत सरकार द्वारा खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाने वाला दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान।
  • आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी गोल्डन बैट (2013): टूर्नामेंट में सर्वाधिक रन बनाने के लिए।
  • आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर (2013, 2014, 2017): आईसीसी द्वारा चुनी गई वर्ष की सर्वश्रेष्ठ वनडे टीम में शामिल।
  • आईपीएल ऑरेंज कैप के शीर्ष दावेदार: कई आईपीएल सीज़न में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में शामिल रहे हैं।
  • कई मैचों और श्रृंखलाओं में ‘मैन ऑफ द मैच’ और ‘मैन ऑफ द सीरीज’ पुरस्कार।

पत्नी / गर्लफ्रेंड

शिखर धवन ने 2012 में आयशा मुखर्जी से शादी की। आयशा मेलबर्न, ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली एक एंग्लो-इंडियन हैं और उनसे लगभग 10 साल बड़ी हैं। आयशा एक किकबॉक्सर हैं और पहले से दो बेटियां, रिया और आलिया थीं, जिन्हें शिखर ने सहर्ष स्वीकार किया है। शादी के बाद 2014 में शिखर और आयशा का एक बेटा हुआ, जिसका नाम जोरावर धवन है।

आयशा और शिखर की लव स्टोरी काफी दिलचस्प है। यह कहा जाता है कि हरभजन सिंह ने उन्हें फेसबुक पर एक-दूसरे से मिलवाया था। शिखर को आयशा की तस्वीरें पसंद आईं और उन्होंने उन्हें फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। जल्द ही, वे एक-दूसरे के प्यार में पड़ गए और शादी करने का फैसला किया। हालांकि, उनके परिवार को उम्र के अंतर और आयशा के तलाकशुदा होने के कारण शुरू में कुछ आपत्ति थी, लेकिन शिखर के दृढ़ संकल्प के कारण आखिरकार परिवार राजी हो गया।

हालांकि, अगस्त 2021 में, शिखर और आयशा ने अपने 8 साल के वैवाहिक जीवन के बाद अलग होने की घोषणा की, जिससे उनके प्रशंसक काफी दुखी हुए। वे अब अलग हो चुके हैं।

नेट वर्थ

शिखर धवन भारत के सबसे धनी क्रिकेटरों में से एक हैं। उनकी अनुमानित कुल संपत्ति विभिन्न स्रोतों से आती है, जिसमें बीसीसीआई से मैच फीस और केंद्रीय अनुबंध, आईपीएल वेतन, विभिन्न ब्रांड एंडोर्समेंट और व्यक्तिगत निवेश शामिल हैं।

  • बीसीसीआई अनुबंध: वह बीसीसीआई के ग्रेड सी कॉन्ट्रैक्ट में शामिल थे (हालांकि हाल के अपडेट के अनुसार अब शायद नहीं हैं), जिससे उन्हें एक निश्चित वार्षिक आय प्राप्त होती है।
  • आईपीएल वेतन: आईपीएल में वह हमेशा एक महंगे खिलाड़ी रहे हैं। पंजाब किंग्स के साथ उनका वर्तमान अनुबंध भी काफी आकर्षक है।
  • ब्रांड एंडोर्समेंट: शिखर धवन कई प्रमुख ब्रांडों के ब्रांड एंबेसडर हैं, जिनमें बोट (boAt), एमआरएफ (MRF), पेटीएम फर्स्ट गेम्स (Paytm First Games), डिश टीवी (Dish TV), जेपीएल सीमेंट (JPL Cement) और कई अन्य शामिल हैं। इन एंडोर्समेंट से उन्हें अच्छी खासी कमाई होती है।
  • निवेश: उन्होंने रियल एस्टेट और अन्य व्यवसायों में भी निवेश किया है।

2023 के आंकड़ों के अनुसार, शिखर धवन की अनुमानित कुल संपत्ति लगभग 90 करोड़ रुपये (लगभग 12 मिलियन अमरीकी डालर) है। यह उनकी सफलता, लोकप्रियता और विभिन्न आय स्रोतों का परिणाम है। यह राशि समय के साथ बदल सकती है।

रोचक तथ्य

  • टैटू प्रेमी: शिखर धवन को टैटू बहुत पसंद हैं और उनके शरीर पर कई टैटू हैं, जिनमें “Believe”, “Carpe Diem” (लैटिन जिसका अर्थ है “आज का दिन जियो”), एक जनजाति कला और एक ओडिन (नॉर्स पौराणिक कथाओं का देवता) का चेहरा शामिल है।
  • बांसुरी वादक: क्रिकेट के अलावा, शिखर धवन को बांसुरी बजाने का भी शौक है। वह अक्सर सोशल मीडिया पर बांसुरी बजाते हुए अपने वीडियो साझा करते हैं।
  • “गब्बर” नाम: उन्हें यह उपनाम वीरेंद्र सहवाग ने दिया था, क्योंकि वह फिल्म ‘शोले’ के गब्बर सिंह की तरह मैदान पर ऊर्जावान और आक्रामक रहते थे।
  • पंजाबी कनेक्शन: हालांकि उनका जन्म दिल्ली में हुआ था, लेकिन उनकी पंजाबी विरासत उन्हें अपनी संस्कृति से जोड़े रखती है, जो उनके संगीत और उत्सव में झलकती है।
  • सामाजिक कार्य: वह विभिन्न सामाजिक कार्यों और धर्मार्थ गतिविधियों में भी शामिल रहते हैं।
  • योग और फिटनेस: धवन अपनी फिटनेस को लेकर काफी जागरूक रहते हैं और नियमित रूप से योग और व्यायाम करते हैं।
  • वनडे में निरंतरता: वह भारत के लिए आईसीसी वनडे टूर्नामेंट्स (विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी) में सबसे लगातार प्रदर्शन करने वाले बल्लेबाजों में से एक हैं।

सामान्य प्रश्न (FAQs)

Q: शिखर धवन का उपनाम क्या है और उन्हें यह किसने दिया?

A: शिखर धवन का उपनाम ‘गब्बर’ है। यह उपनाम उन्हें पूर्व भारतीय क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग ने दिया था क्योंकि वह मैदान पर ‘शोले’ फिल्म के किरदार गब्बर सिंह की तरह आक्रामक और ऊर्जावान रहते थे।

Q: शिखर धवन ने अपने टेस्ट डेब्यू में क्या रिकॉर्ड बनाया था?

A: शिखर धवन ने अपने टेस्ट डेब्यू पर सबसे तेज शतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया था। उन्होंने 2013 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मोहाली में 85 गेंदों पर 187 रन बनाए थे, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा डेब्यू टेस्ट में सबसे तेज शतक था।

Q: शिखर धवन की पत्नी कौन थीं और उनके कितने बच्चे हैं?

A: शिखर धवन की पूर्व पत्नी आयशा मुखर्जी थीं। उनके एक बेटा है जिसका नाम जोरावर धवन है। आयशा की पिछली शादी से दो बेटियां भी हैं, रिया और आलिया, जिन्हें शिखर ने अपने बच्चों की तरह पाला।

Q: शिखर धवन आईपीएल में अब तक किन टीमों के लिए खेल चुके हैं?

A: शिखर धवन आईपीएल में दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), मुंबई इंडियंस, डेक्कन चार्जर्स, सनराइजर्स हैदराबाद और पंजाब किंग्स के लिए खेल चुके हैं।

Q: शिखर धवन के कुछ प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार क्या हैं?

A: शिखर धवन को 2021 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 2013 आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में गोल्डन बैट जीता था और उन्हें 2013, 2014 और 2017 में आईसीसी वनडे टीम ऑफ द ईयर में भी शामिल किया गया था।

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