Jaydev Unadkat Biography In Hindi | जयदेव उनादकट की जीवनी
Jaydev Unadkat Biography
Jaydev Unadkat Biography:- भारतीय क्रिकेट में एक ऐसा नाम जिसने अपनी तेज़ गेंदबाज़ी और क्रिकेट के प्रति अटूट समर्पण से अपनी अलग पहचान बनाई है, वह हैं जयदेव उनादकट। जयदेव उनादकट बायोग्राफी इन हिंदी आपको इस क्रिकेटर के संघर्ष, सफलता और जीवन के विभिन्न पहलुओं से रूबरू कराएगी। गुजरात के पोरबंदर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी छाप छोड़ने वाले जयदेव उनादकट का सफर प्रेरणादायक रहा है। बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ जयदेव ने घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन किया है और आईपीएल में भी कई टीमों का अहम हिस्सा रहे हैं। इस लेख में हम उनके जन्म, परिवार, शिक्षा, क्रिकेट करियर, आईपीएल सफर, रिकॉर्ड्स, नेट वर्थ और निजी जीवन से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियों को विस्तार से जानेंगे। Jaydev Unadkat Biography
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जन्म और परिवार

जयदेव उनादकट का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को गुजरात के पोरबंदर शहर में हुआ था। वह एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखते हैं, जहां बचपन से ही उन्हें खेलों के प्रति रुचि रखने के लिए प्रोत्साहित किया गया। उनके पिता का नाम दीपक उनादकट है, जो एक व्यवसायी हैं। उनकी माता का नाम हीना उनादकट है। जयदेव की एक बहन भी हैं जिनका नाम वैदेही उनादकट है। परिवार ने हमेशा जयदेव के क्रिकेट के सपने को पूरा करने में उनका पूरा साथ दिया, खासकर शुरुआती दिनों में जब क्रिकेट को करियर के रूप में देखना एक चुनौतीपूर्ण फैसला था। उनके परिवार का समर्थन ही उनकी सफलता की नींव बना।
शुरुआती जीवन
जयदेव उनादकट का बचपन पोरबंदर में बीता। कम उम्र से ही क्रिकेट उनका जुनून बन गया था। स्कूल के दिनों में वे अक्सर अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट खेलते हुए देखे जाते थे। उनकी तेज़ गेंदबाज़ी में नैसर्गिक प्रतिभा थी, जिसे उनके कोच और परिवार ने जल्दी ही पहचान लिया था। उन्होंने अपने शुरुआती क्रिकेट प्रशिक्षण के लिए काफी मेहनत की। भले ही पोरबंदर जैसे छोटे शहर में आधुनिक क्रिकेट सुविधाओं की कमी थी, लेकिन जयदेव ने अपनी लगन और कठिन परिश्रम से इन बाधाओं को पार किया। उनका शुरुआती जीवन क्रिकेट के प्रति एक गहरी प्रतिबद्धता और निरंतर अभ्यास का प्रतीक है, जिसने उन्हें भविष्य में एक सफल क्रिकेटर बनने में मदद की।
शिक्षा
जयदेव उनादकट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पोरबंदर में ही प्राप्त की। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा ‘मॉडर्न स्कूल, पोरबंदर’ से पूरी की। क्रिकेट के प्रति उनकी गहरी रुचि के बावजूद, उन्होंने अपनी पढ़ाई को कभी नज़रअंदाज़ नहीं किया। हालांकि, जैसे-जैसे उनका क्रिकेट करियर आगे बढ़ता गया, उन्हें अपनी पढ़ाई और खेल के बीच संतुलन बनाना पड़ा। क्रिकेट के व्यस्त शेड्यूल के कारण उन्होंने उच्च शिक्षा के बजाय अपने खेल पर अधिक ध्यान केंद्रित करना चुना। उनकी शिक्षा ने उन्हें मैदान के अंदर और बाहर दोनों जगह समझदारी से फैसले लेने में सहायता की।
क्रिकेट करियर

जयदेव उनादकट का क्रिकेट करियर घरेलू स्तर पर काफी मजबूत रहा है, जिसने उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने का मार्ग प्रशस्त किया।
घरेलू क्रिकेट
जयदेव उनादकट ने 2009-10 रणजी ट्रॉफी सीज़न में सौराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया। उन्होंने जल्द ही अपनी घातक बाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ी से ध्यान आकर्षित किया। घरेलू क्रिकेट में उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार होता रहा। 2017-18 रणजी ट्रॉफी सीज़न उनके करियर का एक मील का पत्थर साबित हुआ, जब उन्होंने अपनी टीम सौराष्ट्र को फाइनल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई और पूरे सीज़न में शानदार प्रदर्शन किया। वह रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे हैं और उन्होंने कई मैचों में अपनी टीम को जीत दिलाई है। उनकी कप्तानी में सौराष्ट्र ने 2019-20 रणजी ट्रॉफी का खिताब भी जीता, जो उनके घरेलू करियर की एक बड़ी उपलब्धि थी।
अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू
- टेस्ट डेब्यू: जयदेव उनादकट ने 2010 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेंचुरियन में अपना टेस्ट डेब्यू किया था। हालांकि, यह उनके लिए एक निराशाजनक शुरुआत थी क्योंकि उन्हें केवल एक ही मैच खेलने का मौका मिला और फिर वे टीम से बाहर हो गए। 12 साल बाद, उन्होंने दिसंबर 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, जो उनके दृढ़ संकल्प का प्रमाण है।
- वनडे डेब्यू: उन्होंने 2013 में जिम्बाब्वे के खिलाफ अपना एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय (ODI) डेब्यू किया। इस सीरीज़ में उन्होंने अच्छा प्रदर्शन किया और कुछ महत्वपूर्ण विकेट भी लिए।
- टी20ई डेब्यू: 2016 में, उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अपना ट्वेंटी-20 अंतर्राष्ट्रीय (T20I) डेब्यू किया, जहां उन्होंने अपनी विविधतापूर्ण गेंदबाज़ी से प्रभावित किया।
अंतर्राष्ट्रीय प्रदर्शन और चुनौतियाँ
जयदेव उनादकट को भारतीय टीम में लगातार मौके नहीं मिले। उन्हें कई बार टीम से अंदर-बाहर किया गया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। घरेलू क्रिकेट में उनके लगातार शानदार प्रदर्शन ने हमेशा उन्हें चयनकर्ताओं की नज़रों में बनाए रखा। उन्होंने अपनी गेंदबाज़ी में गति और स्विंग के साथ-साथ धीमी गेंदों और कटर को भी शामिल किया, जिससे वे टी20 प्रारूप में अधिक प्रभावी बन सके। 2022 में, उन्होंने 12 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी की, जो उनके दृढ़ संकल्प और कड़ी मेहनत का प्रमाण है। यह वापसी बांग्लादेश के खिलाफ हुई, जहां उन्होंने अपनी वापसी का जश्न विकेटों के साथ मनाया।
आईपीएल करियर

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में जयदेव उनादकट का करियर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है, लेकिन वे हमेशा अपनी टीम के लिए एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी साबित हुए हैं।
विभिन्न टीमें और प्रदर्शन
जयदेव उनादकट ने अपने आईपीएल करियर में कई टीमों का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने 2010 में कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के साथ शुरुआत की। इसके बाद वे रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB), दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), पुणे वॉरियर्स इंडिया, राइजिंग पुणे सुपरजायंट (RPS), राजस्थान रॉयल्स (RR), मुंबई इंडियंस (MI), लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) जैसी टीमों का हिस्सा रहे हैं।
2017 का आईपीएल सीज़न उनके लिए सबसे शानदार रहा, जब वे राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए खेले। उन्होंने इस सीज़न में 24 विकेट लिए और अपनी टीम को फाइनल तक पहुंचाने में मदद की। उनका प्रदर्शन इतना प्रभावशाली था कि अगले सीज़न (2018) में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 11.5 करोड़ रुपये में खरीदा, जिससे वे उस साल के सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बन गए। हालांकि, उसके बाद के सीज़न में उनका प्रदर्शन उतना प्रभावी नहीं रहा, लेकिन वे फिर भी अपनी धीमी गेंदों और कटर के लिए जाने जाते हैं।
आईपीएल करियर का सारांश
| टीम | सीज़न | मैच | विकेट | इकोनॉमी |
|---|---|---|---|---|
| कोलकाता नाइट राइडर्स | 2010-2012 | 16 | 9 | 8.19 |
| रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर | 2013 | 13 | 13 | 7.57 |
| दिल्ली डेयरडेविल्स | 2014-2015 | 10 | 4 | 8.51 |
| पुणे वॉरियर्स इंडिया | 2013 | – | – | – |
| राइजिंग पुणे सुपरजायंट | 2017 | 12 | 24 | 7.02 |
| राजस्थान रॉयल्स | 2018-2021 | 47 | 39 | 9.03 |
| मुंबई इंडियंस | 2022 | 5 | 6 | 9.50 |
| लखनऊ सुपर जायंट्स | 2023 | 3 | 0 | 11.00 |
| सनराइजर्स हैदराबाद | 2024 | 11 | 8 | 9.14 |
रिकॉर्ड्स
जयदेव उनादकट ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं, खासकर घरेलू क्रिकेट में:
- रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले कप्तान: उन्होंने 2019-2020 के रणजी ट्रॉफी सीज़न में सौराष्ट्र की कप्तानी करते हुए 67 विकेट लिए, जो एक सीज़न में किसी भी कप्तान द्वारा लिए गए सर्वाधिक विकेटों का रिकॉर्ड है।
- रणजी ट्रॉफी विजेता कप्तान: उनकी कप्तानी में सौराष्ट्र ने 2019-2020 का रणजी ट्रॉफी खिताब जीता।
- आईपीएल में हैट्रिक: उन्होंने 2017 के आईपीएल सीज़न में राइजिंग पुणे सुपरजायंट के लिए खेलते हुए एक हैट्रिक भी ली थी।
- लंबी टेस्ट वापसी: 12 साल बाद टेस्ट क्रिकेट में वापसी करने वाले भारतीय खिलाड़ियों में से एक हैं, जो उनके संघर्ष और धैर्य को दर्शाता है। इससे पहले लाला अमरनाथ ने ऐसा किया था।
पुरस्कार
जयदेव उनादकट को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए कई बार मैन ऑफ द मैच और मैन ऑफ द सीरीज़ के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है, विशेष रूप से घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनके बेहतरीन स्पेल के लिए। 2017 के आईपीएल सीज़न में, उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए काफी सराहना मिली। रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र को खिताब दिलाने में उनकी कप्तानी और गेंदबाज़ी महत्वपूर्ण थी, जिसके लिए उन्हें विशेष सम्मान मिला।
पत्नी / गर्लफ्रेंड

जयदेव उनादकट शादीशुदा हैं। उन्होंने 2 फरवरी 2021 को अपनी लॉन्ग-टाइम गर्लफ्रेंड रिन्नी कांतारिया (Rinny Kantaria) से शादी की। रिन्नी पेशे से एक वकील हैं। यह शादी गुजरात के राजकोट में एक निजी समारोह में हुई थी, जिसमें परिवार के करीबी सदस्य और कुछ दोस्त ही शामिल हुए थे। जयदेव अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी पत्नी के साथ तस्वीरें साझा करते रहते हैं। रिन्नी उनके क्रिकेट करियर में एक मजबूत सहारा रही हैं।
नेट वर्थ
जयदेव उनादकट की अनुमानित नेट वर्थ लगभग 35-40 करोड़ रुपये (लगभग 4-5 मिलियन डॉलर) है। उनकी आय का मुख्य स्रोत क्रिकेट है, जिसमें भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मिलने वाली फीस, आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट्स और घरेलू क्रिकेट से होने वाली कमाई शामिल है। आईपीएल में वे कई बार महंगे बिकने वाले खिलाड़ी रहे हैं, जिसने उनकी नेट वर्थ में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। इसके अलावा, वे कुछ ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन से भी कमाई करते हैं। उनकी लाइफस्टाइल काफी साधारण है, और वे अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा निवेश और परिवार की ज़रूरतों पर खर्च करते हैं।
रोचक तथ्य
- जयदेव उनादकट का उपनाम ‘जड्डू’ है, हालांकि रविंद्र जडेजा को भी इसी नाम से पुकारा जाता है, लेकिन घरेलू क्रिकेट में जयदेव को भी इस नाम से जाना जाता है।
- वह सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े प्रशंसक हैं और उन्हें अपना आदर्श मानते हैं।
- जयदेव उनादकट ने रणजी ट्रॉफी में कप्तान के रूप में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया है।
- वह केवल दूसरे ऐसे भारतीय तेज़ गेंदबाज़ हैं जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10 साल से अधिक समय बाद वापसी की है, इससे पहले लाला अमरनाथ ने ऐसा किया था।
- 2018 आईपीएल नीलामी में, वे 11.5 करोड़ रुपये में बिकने वाले सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी थे।
- क्रिकेट के अलावा, उन्हें गोल्फ खेलना पसंद है और वे अपने खाली समय में गोल्फ कोर्स पर देखे जा सकते हैं।
- उनादकट फिट रहने के लिए नियमित रूप से जिम और योग करते हैं।
- उन्होंने 2010 में अंडर-19 विश्व कप में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया था।
सामान्य प्रश्न
कौन है जयदेव उनादकट?
जयदेव उनादकट एक भारतीय अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर हैं जो बाएं हाथ के तेज़ गेंदबाज़ के रूप में खेलते हैं। उनका जन्म 18 अक्टूबर 1991 को पोरबंदर, गुजरात में हुआ था। वह घरेलू क्रिकेट में सौराष्ट्र टीम की कप्तानी करते हैं और इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में विभिन्न टीमों के लिए खेल चुके हैं। उनादकट अपनी स्विंग गेंदबाज़ी, धीमी गेंदों और कटर के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने भारत के लिए टेस्ट, वनडे और टी20 अंतर्राष्ट्रीय तीनों प्रारूपों में क्रिकेट खेला है और घरेलू स्तर पर कई रिकॉर्ड्स अपने नाम किए हैं, जिसमें रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र को खिताब दिलाना शामिल है।
जयदेव उनादकट की उम्र कितनी है?
जयदेव उनादकट का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को हुआ था। इस हिसाब से, 2024 में उनकी उम्र 32 वर्ष है। वह भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज़ गेंदबाजों में से एक हैं और अपनी फिटनेस के दम पर लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी उम्र के बावजूद, घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनकी मांग बनी हुई है, जो उनकी खेल क्षमता और अनुभव को दर्शाता है। वह अपनी फिटनेस और खेल पर लगातार काम करते रहते हैं ताकि उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें और टीम के लिए उपयोगी योगदान दे सकें।
जयदेव उनादकट का क्रिकेट करियर कैसे शुरू हुआ?
जयदेव उनादकट का क्रिकेट करियर उनके बचपन में पोरबंदर, गुजरात में शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने छोटी उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था। उनकी बाएं हाथ की तेज़ गेंदबाज़ी प्रतिभा को जल्दी ही पहचान लिया गया। उन्होंने 2009-10 रणजी ट्रॉफी सीज़न में सौराष्ट्र के लिए प्रथम श्रेणी में पदार्पण किया। इसके बाद, 2010 में उन्हें अंडर-19 विश्व कप में भारत का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला और उसी साल उन्हें आईपीएल में कोलकाता नाइट राइडर्स ने भी चुना, जिसने उनके पेशेवर क्रिकेट करियर की औपचारिक शुरुआत की और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई।
जयदेव उनादकट की पत्नी कौन है?
जयदेव उनादकट की पत्नी का नाम रिन्नी कांतारिया (Rinny Kantaria) है। उन्होंने 2 फरवरी 2021 को रिन्नी से शादी की। रिन्नी पेशे से एक वकील हैं। उनकी शादी गुजरात के राजकोट में एक निजी समारोह में हुई थी। जयदेव और रिन्नी अक्सर सोशल मीडिया पर अपनी साझा तस्वीरें और जीवन के खूबसूरत पलों को प्रशंसकों के साथ साझा करते रहते हैं। रिन्नी अपने पति को उनके क्रिकेट करियर में पूरा समर्थन देती हैं और उन्हें अक्सर मैच देखने के लिए स्टेडियम में भी देखा जाता है।
जयदेव उनादकट की नेट वर्थ कितनी है?
जयदेव उनादकट की अनुमानित नेट वर्थ लगभग 35-40 करोड़ रुपये (लगभग 4-5 मिलियन डॉलर) है। उनकी आय के मुख्य स्रोतों में बीसीसीआई कॉन्ट्रैक्ट, आईपीएल वेतन और घरेलू क्रिकेट से होने वाली कमाई शामिल है। आईपीएल में उन्हें कई बार भारी रकम मिली है, खासकर 2018 में जब राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 11.5 करोड़ रुपये में खरीदा था। इसके अतिरिक्त, वे विभिन्न ब्रांड एंडोर्समेंट और विज्ञापन के माध्यम से भी आय अर्जित करते हैं। उनकी निवेश रणनीतियाँ और ब्रांड सहयोग भी उनकी कुल नेट वर्थ में योगदान करते हैं।
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